15 संझा होय लग चेला ओखर लिघ्घो आयके कथै, परभु हइ सूनसान जिघा हबै अउ बोहत देरी हुइ गय हबै, इहैनिता भीड के जाय दे, ता गांव हे जायके अपन खाय के निता कुछु खरीद लइ आमै।
16 यीसु जबाब दइस "इनही कहुं जाय के जरूरत नेहको हबै, तुमै करा इनखर निता खाय के जुगाड।"
17 चेला ओखर लग कथै, "हमर लिघ्घो पांचठे रोटी अउ दुइठे मछडी के छांड अउ कुछु नेहको हबै।"
18 यीसु कथै, "उनके मोर लिघ्घो लइ आन।" 19 यीसु मनसेन के चारा हे बइठै के आदेस दइस, तब ऊ पांच रोटी अउ दुइठे मछडी अपन हाथ हे लइके, स्वरग के पल्ला खाना के निता धन्यबाद देय के बाद, रोटी टोर-टोर के चेलन के दइस अउ चेला मनसेन के। 20 सगलू मनसेन पेट भर खथै, अउ एखर अलाबा बचे हर रोटी के खन्डन के चेला बाराठे छन्नी उठाथै। 21 भोजन करै बाले मसे डउकी अउ लरकन के छांड के करीबन पांच हजार डउका रथै।