18 पय जउन कुछ मुंह लग बाहिर आथै, ऊ मन लग निकडथै, इहैनिता मनसेन के असुध्द करथै। 19 काखे कि बेकार सोच हत्या करै बाले, दूसर के डउकी, गलत काम करै बाले, चोरटा, झूठ गवाह अउ चुगुलखोरी हइ सब मन लग निकडथै।
18 पय जउन कुछ मुंह लग बाहिर आथै, ऊ मन लग निकडथै, इहैनिता मनसेन के असुध्द करथै। 19 काखे कि बेकार सोच हत्या करै बाले, दूसर के डउकी, गलत काम करै बाले, चोरटा, झूठ गवाह अउ चुगुलखोरी हइ सब मन लग निकडथै।