6 जउन कउ मोर उप्पर बिस्वास करे बाले के कउनो अकझन के बिस्वास लग बहकाथै, ता ओखर निता इहै निक्खा होतै, कि ओखर नटेरी हे चकिया के पथरा बांधे जातिस, अउ ऊ गहीर समुन्दर हे बुडाय दय जातिस,
10 इहैनिता देखा, मोर इन नान मसे कउनो अक्कोझन के बेकार झइ समझिहा, काखे मै तुम्हर लग कथो, कि स्वरग हे उनखर स्वरगदूत सबरोज मोर बाफ के नजर हे रथै।