51 उहै टेम मन्दिर के परदा उप्पर लग तरी तक चिथर के दुइठे खन्डा हुइ जथै, अउ भुंइ थरथराय जथै अउ पटपर फट जथै। 52 अउ इहां तक कि मरघटी के पथरा उघर जथै अउ भगवान के मनसे मसे मरे हर बोहत देह जी उठथै। 53 ऊ यीसु के जिन्दा होय के बाद हे ऊ मरघटी लग निकड के यरुसलेम सहर छो जथै, अउ बोहत मनसे उनही देखिन।
54 रोमी सिपाही अउ ओखर संग जउन मनसे यीसु के चवकीदारी करथै, भुंइडोल अउ दूसर घटना के देखके डेराय जथै अउ कहै लागथै, "हइ सहीमा भगवान कर टोरवा रहिस?"