नून अउ उजेड के जसना
13 तुम हइ भुंइ के नून हबा, अगर ओखर सोद बेकार हुइ जाय, ता ऊ कउन चीज लग नमकीन बनाय जाय सकथै? ता ऊ कउनो काम के नेहको हबै, सिबाय उके बाहिर फटके जथै अउ मनसेन के गोड लग कचरे जथै।
14 तुम दुनिया के उजेड हबा, जउन सहर डोंगर हे बसे हर हबै, ऊ लुक नेहको सकै। 15 मनसे चिमनी जलाय के खटिया कर तरी नेहको, पय पिरभिटिया हे मडाथै, ता ऊ घर के सगलू झन के उजेड मिलै। 16 इहैमेर तुम्हर उजेड मनसेन कर आगू चमकै, जेही उन तुम्हर निक्खा काम के देखके स्वरग के बाफ कर महिमा करै।