जसना रूख ओसनेन फडुहा
15 ठगरा ग्यानी मनसेन लग बचे रहबे, उन गेडरा कर रूप हे बिगवा तुम्हर लिघ्घो आथै, पय भित्तर लग चीर खाय बाले बिगवा होथै। 16 उनखर फडुहा लग तुम उनही चीन जइहा, कांटा बाले पुडरा लग अंगूर न बिजहा अकजुट कर पाथै, अउ न किटिल्ली मसे अंजीर टोरथै।