19 का तुमही हइ अहसास नेहको कि कउनो के आदेस मानै के परति समरपित हुइ जाय लग तुम उहै के हरवाह बन जथा, जेखर तुम आदेस मानथा? चाहे ऊ मालिक पाप होय या असुध्द अउ अधरम के अधीन करे रथै, जेखर आखरी हबै मिरतू या आदेस के मानै बाले जेखर आखरी हबै नियाइपन, जेखर लग पवितर हुइ जाय।
Publicidade