1 अब्राहम डोकरा हुइ गय रहिस तउभरमा जिन्दा रहिस, भगवान उके आसीस दय रथै, अउ ओखर हर काम हे आसीस दइस। 2 अब्राहम के अक्ठी बोहत पुरान हरवाह रथै, अब्राहम के जउन कुछु रथै, ओखर परबंधक रथै, अब्राहम ऊ हरवाह के अपन लिघ्घो बुलाइस अउ कथै, "अपन हाथ मोर जांघ के तरी धर। 3 अब मै चाहथो कि तै मोके अक्ठी बचन दे, भुंइ अउ बादर के भगवान के आगू तै बचन दे कि तै कनान देस के कउनो टोरियन लग मोर टोरवा के काज नेहको होय दइहे, हम उनखर बीच हे रथन, पय अक्ठी कनानी टोरिया लग उके काज झइ करन दय। 4 तै मोर देस अउ मोर अपन मनसे हे लउट जा, उहां मोर टोरवा इसहाक के निता अक्ठी दुलही खोजबे, तब उके इहां इसहाक के लिघ्घो ला।" 5 हरवाह ओखर लग कथै, अगर टोरिया मोर संग हइ देस हे नेहको आही ता तब का मै तोर टोरवा के ऊ देस हे जिहां लग तै आय हबस, उके लइ जा सकथो? 6 अब्राहम ओखर लग कथै, नेहको, तै मोर टोरवा के ऊ देस हे झइ लइ जाबे।
7 स्वरग के भगवान मोर पइदाइसी जिघा लग इहां लइके आय हबै, ऊ देस मोर बाफ अउ मोर परवार रथै, पय भगवान हइ बचन दय रथै, कि ऊ नबा परदेस मोर परवार बाले हुइहिन, भगवान अपन अक्ठी स्वरगदूत के तोर आगू पठोही जेखर लग तै मोर टोरवा के निता दुलही लइ अनबे। 8 पय अगर टोरिया तोर संग आमै लग मना करही, ता तै मोर बचन लग छुटकारा पाय जइहे, पय तै मोर टोरवा के ऊ देस हे वापिस झइ ले जाबे। 9 हइ मेर हरवाह अपन मालिक अब्राहम के जांघ के तरी अपन हाथ मढाय के बचन दइस। 10 हरवाह अब्राहम के उंटवा मसे दसठे उंटवा छांट के लइस अउ ऊ जिघा लग कढ गइस, हरवाह कइन मेर के निक्खा भेंट अपन संग लइ गइस, ऊ नाहोर के सहर मेसोपोटामिया देस छो गइस। 11 ऊ सहर के दूरा हे पहुंच के अक्ठी कुंवा के लिघ्घो अपन उंटवा के बइठाइस, संझा के टेम रथै, असना टेम हे टोरिया कुंवा लग पानी भरै निकरथै। 12 हरवाह कथै, "हे परभु, तै मोर मालिक के भगवान हबस, आज तै ओखर टोरवा के निता मोके अक्ठी दुलही मिलवाय दे, किरपा मोर मालिक अब्राहम हे हइ दया कर। 13 मै इहां हइ पानी के कुंवा के लिघ्घो ठाढ हव अउ पानी भरै के निता सहर के टोरिया आथै। 14 अब असना होय कि जउन टोरिया लग मै कइहों, किरपा करके अपन गघरी तरी कर अउ मोके पानी पिया अउ ऊ जबाब दे, तै पानी पीले, अउ मै तोर उंटवा के पानी पियाइहों, ता ऊ उहै टोरिया होय जेही तै अपन सेबक इसहाक के निता चुने हबस, एखर लग मै जान जइहों कि तै मोर मालिक हे किरपा करे हबस।" 15 ऊ हरवाह जसना बोलै के बन्द करिस, कि रिबका अपन खांधा हे गघरी धरे बाहिर आइस, अउ ऊ अब्राहम के भाई नाहोर अउ ओखर डउकी मिल्का के टोरवा बतूएल के टोरिया रथै। 16 टोरिया बोहत सुन्दर रथै, अउ ऊ कुंवारी रथै, ओखर काज नेहको होय रथै, ऊ अपन गघरी भरै के निता कुंवा के लिघ्घो आइस। 17 तब हरवाह ओखर लिघ्घो दउर के गइस, अउ कथै, "किरपा करके अपन गघरी लग पानी पिय के निता चुटुहस पानी दइ दे।" 18 रिबका कथै, "हे मोर परभु, ले पी ले," हरबी खांधा लग गघरी के तरी उतारिस अउ उके पानी पियाइस। 19 जब हरवाह के पानी पिलाय चुकथै, तब कथै, जब तक तोर उंटवा पानी न पीले, तब तक मै उनखर निता पानी भरिहों। 20 इहैनिता रिबका हरबी गघरी के सगलू पानी उंटवन के निता बने डोडा हे कुढाय देथै, तब ऊ अउ पानी लामै के निता कुंवा छो दउर गइस अउ ऊ सगलू उंटवा के पानी पिया दइस। 21 हरवाह उके चुप्पेचाप धियान लग देखथै, ऊ सोचथै कि भगवान सायद बात मान लय हबै, अउ मोर यातरा के सफल बनाय दय हबै। 22 जब उंटवा पानी पी चुकिन, तब हरवाह आधा तोला सोना कर अक्ठी फुलिया निकार के ओही दइस, अउ दस तोला सोना के कंगन ओखर हाथ हे पेहराय दइस। 23 हरवाह ओखर लग पूंछथै, "तोर बाफ कोन आय? का तोर बाफ के घर हे हमर निता रुके के निता जिघा हबै?" 24 ऊ कथै, "मोर बाफ बतूएल के टोरिया हबो, जउन मिल्का अउ नाहोर के टोरवा हबै।" 25 तब ऊ कथै, अउ हां हमर लिघ्घो तोर उंटवा के निता चारा हबै अउ तोर सोमै के निता जिघा हबै। 26 हरवाह मूंड के झुकाइस अउ भगवान के धन्यवाद दइस। 27 हरवाह कथै, "मोर मालिक अब्राहम अउ भगवान के किरपा हबै, ऊ हमर मालिक के उप्पर किरपा करथै, ऊ मोके अपन मालिक के टोरवा के निता सही दुलही दय हबै।" 28 तब रिबका दउडत अउ जउन कुछु होय रथै, ऊ अपन घर के मनसेन के गुठेइस। 29 तब लाबान जउन रिबका भाई रथै, बाहिर कुंवा के लिघ्घो ऊ डउका के लिघ्घो दउडत गइस। 30 अउ असना हुइस कि जब ऊ नथनी अउ अपन बेहन रिबका के हाथ हे कंगन के देखिस, अउ ओखर इहो बात सुनिस कि ऊ डउका मोर लग असना बात कहे हबै, तब ऊ हरवाह के लिघ्घो गइस अउ ऊ कुंवा के लिघ्घो उंटवा के संग ठाढ देखथै। 31 लाबान कथै, "हे परभु, तै इछो आय हबस, तोर सोगत हबै, तोके इछो बाहिर ठाढ रहै के नेहको हबै, मै तोर उंटवा के निता रहै के अक जिघा बनाय दय हव, अउ तोर सोमै के निता अक्ठी कमरा ठीक कर दय हव।" 32 इहैनिता अब्राहम के हरवाह घर हे गइस, लाबान उंटवा के उप्पर गोनिया हे रखथै अउ ओखर मदद करथै, अउ उंटवा के खाय के निता चारा दइस, तब लाबान पानी दइस, जेखर लग ऊ मनसे अउ ओखर संग आय बाले दूसर हरवाह अपन गोड धोय सकै। 33 तब लाबान खाय के खाना देथै, पय हरवाह खाय लग मना कर देथै, हरवाह कथै, "मै तब तक खाना नेहको खइहों जब तक मै हइ बात नेहको गुठे दो, कि मै इहां कउन काम लग आय हव," इहैनिता लाबान कथै, "तब तै हमही बता।" 34 हरवाह कथै, "मै अब्राहम के हरवाह यहों। 35 भगवान मोर मालिक के एतका आसीस दय हबै कि ऊ बोहत धनी हुइ गय हबै, परभु उके गेडरा छेडी, गाय गोरू, सोना-चांदी, हरवाह, उंटवा, गदहा दय हबै। 36 सारा मोर मालिक के डउकी रथै, जब ऊ बोहत डोकराय गइस, तब ओखर अक्ठी टोरवा के पइदा करिस, अउ हमर मालिक अपन सगलू डेरा के अपन टोरवा के दइ दय हबै।" 37 मोर मालिक मोके अक्ठी बचन दय हबै, मोर मालिक मोर लग कहे हबै, तै मोर टोरवा के निता कनान देस लग कउनो टोरियन लग काज नेहको करन दइहे, हम उनखर बीच हे रथन, पय मै नेहको चाहथो कि ऊ कउनो कनानी टोरिया लग काज करै। 38 इहैनिता तोके बचन देय के होही कि तै मोर बाफ के देस जइहे, मोर परवार हे जा अउ मोर टोरवा के निता अक्ठी दुलही खोज। 39 मै अपन मालिक लग कहे रथो, हइ हुइ सकथै कि ऊ दुलही मोर संग हइ देस हे झइ आबै। 40 पय मोर मालिक कथै, मै भगवान के सेबा करथो, अउ भगवान तोर संग अपन स्वरगदूत के पठोही अउ तोर मदद करही, तोके उहां मोर मनसे मोर टोरवा के निता अक्ठी दुलही मिलही। 41 पय अगर तै मोर बाफ के देस जथस, अउ उन मनसेन मोर टोरवा के निता दुलही देय लग मना करथै, ता तै मोर किरिया लग मुकति पाय जइहे। 42 "आज मै कुंवा के लिघ्घो गयों, अउ मै कथो, हे स्वामी अब्राहम कर भगवान मोर मालिक के भगवान किरपा कर मोर यातरा सफल बनाय दे।" 43 मै कुंवा के लिघ्घो ठाढ रइहों, अब असना होय कि पानी भरै के निता आय बाले टोरिया जेखर लग मै कइहों, किरपा मोके "अपन गघरी मसे चुटुहस पानी पिलाय दे" 44 अउ ऊ मोके जबाब देही, पीले, "मै तोर उंटवा के निता पानी भरिहों, ता ऊ उहै टोरिया होय जेही परभु मोर मालिक के टोरवा निता चुने हबै।" 45 मोर बात पूर होय लग पहिलेन रिबका कुंवा हे पानी भरै आइस, गघरी ऊ अपन खांधा हे रखे रथै, ऊ कुंवा तक गइस, अउ ऊ पानी भरिस मै एखर लग कहों, "किरपा करके मोके पानी दे। 46 ऊ हरबी खांधा लग गघरी के झुकाइस अउ मोर निता पानी डालिस अउ कथै, पीले, मै तोर उंटवा के पियाइहों, इहैनिता मै पानी पियों, अउ अपन उंटवा के पानी पिलायों। 47 तब मै ओखर लग पूंछो, तोर बाफ कोन आय? ऊ कथै, मै तो नाहोर के जन्माय मिल्का के टोरवा बतूएल के टोरिया आंव।" तब मै ओखर नाक हे ऊ फुलिया अउ ओखर हाथ हे उन चुरिया पहिराय दइन। 48 ऊ टेम मै अपन मूंड के झुकायों अउ भगवान के धन्यवाद दयों, मै अपन मालिक अब्राहम के भगवान किरपा करे बाले आय कहों, मै उके धन्य कइहों, काखे ऊ सीधा मोर मालिक के भाई के नतिनिया तक मोके पहुंचाय हबै। 49 अब अगर तुम मोर मालिक लग पूरी तरह लग किरपा अउ सही के बेउहार करे चाहथा, ता मोके बताबा अगर नेहको, ता ओसनेन मोर लग कहा, जेखर मै निस्चय कर सको कि मोके काहिन करै चाही। 50 तब लाबान अउ बतूएल जबाब देथै, "हम हइ देखथन कि हइ भगवान के पल्ला लग हबै, इके हम नेहको कहि सकथन। 51 रिबका तुम्हर आय, उके ला अउ लइ जा, अपन मालिक के टोरवा लग इके काज करै दा, इहै हबै जेही भगवान चाहथै।" 52 अब्राहम के हरवाह हइ सुनिस अउ ऊ भगवान के आगू जमीन हे झुक गइस। 53 तब ऊ रिबका के भेंट दइस जउन ऊ अपन संग लाय रथै, ऊ रिबका के सोना अउ चांदी गहिने अउ बोहत सुन्दर कपडा दइस, ऊ ओखर भाई अउ ओखर दाय के बोहत मंहगा भेंट दइस। 54 तब ऊ अउ ओखर संगी खाइन पियन, अउ उन रात उहै बिताइन, जब उन सुबेन्ने सोय के उठथै तब हरवाह कथै, अब मोके अपन मालिक के लिघ्घो जाय के आदेस देया। 55 रिबका के भाई अउ दाय कथै, टोरिया के कुछु टेम तक, कम से कम तक दस रोज हमर लिघ्घो रहै दे, ओखर बाद ऊ जाय सकथै। 56 पय हरवाह उनखर लग कथै, "मोके झइ ओरगाबा, भगवान मोर यातरा के सफल करे हबै, अब मोके अपन मालिक के लिघ्घो लउटन देया।" 57 रिबका के भाई अउ दाय कथै, "हम रिबका के बुलाथै अउ ओखर लग पूंछथन कि ऊ काहिन चाहथै?" 58 उन रिबका के बुलवाइन अउ ओखर लग कथै, "का तै हइ मनसे के संग अबे जाय चाहथस?" ऊ कथै, "हां, मै जइहों।" 59 इहैनिता उन रिबका के अब्राहम के हरवाह अउ ओखर संगी के संग जाय दइन, रिबका के दाय उनखर संग गइस। 60 उन रिबका के आसिरवाद देत कथै, हे हमर बेहन, तै हजारो-लाखो टोरवा-टोरिया के दाय बन, तोर लरका अपन बैरी के सहर हे अधिकार करै। 61 तब रिबका अउ दाय उंटवा हे चढिन अउ हरवाह अउ ओखर संगी के पाछू चले लगिन, हइ मेर लग रिबका के संग लइन अउ घर छो लउटै के यातरा सुरु करिन। 62 इसहाक नेगेब इलाका हे रथै, ऊ लहैरोई नाम कुंवा लग हुइके चले आथै। 63 ऊ संझा के टेम खुले मइदान हे बिनती करै के निकलिस, जब ऊ अपन आंखी के उठाइस ता दुरिहां लग उंटवा के अउत देखथै। 64 रिबका नजर डालिस अउ इसहाक के देखिस, तब ऊ उंटवा लग उतर जथै। 65 ऊ हरवाह लग पूंछथै, "हमर लग मिलै के निता खेतवा हे घूमै बाले ऊ डउका कोन आय?" हरवाह कथै, "हइ मोर मालिक के टोरवा आय।" इहैनिता रिबका अपन मुंह के दुपट्टा लग छुपाय लेथै। 66 हरवाह इसहाक के सगलू बात गुठेथै जउन हुइ चुके रथै। 67 इसहाक टोरिया के अपन दाय सारा के तम्बू हे लइ गइस, उहै रोज इसहाक रिबका लग काज कर लेथै, इसहाक ओखर लग बोहत माया करथै, हइ मेर लग इसहाक के ओखर दाय के मिरतू के बाद सान्ति पाइस।