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उत्पत्ति 44

ांि

1 तब अपन हरवआदै, कथै, "उन मनसएतकभरतकइन लइ सकअउ हर अकपइसरख ा। 2 सब लग पइसरखा, पय ओखर ांिरख ा।" जसनकथओसनकरि3 अगलहत सब अपन गदहन अपन िकढ गइन4 सहर लग िां हकगय रथै, ि अपन घर हबन लग कथै, उन मनसकरा, जब उनखर िपहुंा, तब उनखर लग कहबे, "भलकर बलदकरा? िांिा? 5 हमर िइहिलग ै, सपनििइहििकरथै, िगलतकरहबा।" 6 तब उनकपकड लइन अउ असनउनखर लग कथै। 7 उन उनखर लग कथै, "िअसनकथै? असनकरहरवहन लग िां रहन8 हम कनलग पइसलउटदय रथन जउन पहिहमर िरथै, इहिजरहम हर िघर लग ांहकहवन9 अगर कउनांिमनसिरतसजदय अउ हमिहरवबन जउबे।" 10 हरवकथै, "जसनकथहम ओसनकरब, पय मनसहकरब, अगर ांििलहमनसहरवअउ सर आजजइहि" 11 तब सगलअपन िहरबुंरखि12 हरविहरबुंमढि, िि, सब लग बडलग करथअउ सब लग समपत करि, ििगय13 हत इन, उन रन अपन कपडि, उन अपन गदहउपपर िअउ सहर लउट गइन14 यहअउ ओखर घर आइनउहरथै, ओखर िुंिपरनकरि15 उनखर लग कथै, "हइ कसनकरा? हकनथि जसनजरिकर सकथै?" 16 यहकथै, "ि, हम िकहि सकथन? हम िी? हम कसनअपन िरदिकरी? भगवहरवहन करम पतलगलय हबै, अब हम अउ खर ििगय हबै, हरवहबै।" 17 कथै, "असनलग िां रहै, जउन मनसििगय हबै, उहहरवबनही, आरअपन िकढ ा।"

िियहिनत

18 तब यहिआथै, अउ कथै, "ि, िरपकरकअपन हरवआदि लग कहि सकै, हरवउपपर झइ भडकै, िजसनहबस" 19 जब हम पहिइहां आय रथन, परभअपन बक लग ूंरहस ि हबै? 20 अउ हम अपन परभलग कहन, हमर अकहबै, करहबअउ हमर अकहबै, हमर ओखर लग हत परकरथै, ओखर पइदरथै, हइ अकरवहबै, हमर ओखर लग हत परकरथै। 21 तब हमर लग कहरथस, िा, उकहथो। 22 अउ हम अपन परभलग कहरथन, लरकहबै, अपन ांहकसकथै, अगर अपन ांडहओखर मर जही। 23 तब हमकअपन हरवतनदय रथस, "जब तक हर हर हकआही, लग हककर सकथा।" 24 इहिहम अपन िलउटकगयन अउ जउन कहरथस, परभउन तन यन25 जब हमर कहि, "िअउ हमर िजन खरा।" 26 तब हम कहरथन, "हम हकसकथन, अगर हमर हमर जहहम जइबे, जब तक हमर हमर हकजही, तब तक हम िलग हककर सकथन" 27 तब हमर हमर लग कहरथै, नथि डउकइठरवदइस28 अकरवदयों अउ पतनवर दवगइस अउ तब लग उकहकहव29 अगर सर रवलग िां लइ जइहअगर उकगय मर जइहों। 30 इहिअगर अब हमर हइ पडही, हइ रवहमर वन सब लग रखथै। 31 जब खहि रवहमर हकहबमर जहअउ हइ हमर ी, हम अपन अउ िरतरन इबे। 32 हरव, अपन लग रविलय हव, "अगर उकििहकपरति वन भर बनरइहों।" 33 इहिअब लग ांगथअउ लग िनतकरथि िरपकरकरवअपन इन े, अउ िों अउ हरवरइहों। 34 अपन िहकलउट सकथो, अगर हमर हकरही, लग हत डरहव ि ी।

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