4 हम उनखर मिरतू के बतिस्मा गरहन के ओखर संग इहैनिता गाडे गय हवन कि जउन मेर मसीह बाफ के महिमामय सक्ति लग मरे हर मसे जी उठे हबै, उहैमेर हमु अक्ठी नबा जीवन जी।
5 अगर हम हइमेर मसीह के जसना मर के ओखर संग अक हुइ गय हवन ता हमु ओखरै के जसना फेरै जिन्दा हे ओखर संग अक्ठी होब। 6 हमही कबहुन नेहको बिसरे के चाही कि हमर पुरान आदत मसीह के संग क्रूस हे टंगाय जाय चुके हबै, जेखर लग पाप के देह मर जाय अउ हम फेर पाप के हरवाह झइ बनी। 7 काखे जउन मर चुके हबै, ऊ पाप के गुलामी लग आजाद हुइ गय हबै।