21 आरू तुमू इनी क करता बुलायो भी गया होय, काहकि मसीह भी तुमरे करता दुःख उठाड़ीन पद सहलानी पर चालु। 22 नी तो त्यो पाप कर्या आरू नी ओका मुय छे छोव की काही वात निकवी। 23 वो गाली सोमवीन गाली नी देता हुता, पर आपने आप क सच्चा न्यायी क हात मा सौपता हुता। 24 वो आप ही हामरा पाप क आपसी डील पर करता हुयो, कुरूस पर चढ़ गयु, जिनान करता हामु, पापन करता आरू मरीन न्यायपन क करता जीवन देखाड्या: तीनी मार खाने छे तुमू वारू होया।