14 ✝यदि तुमू न्यायपन क कारण दुःख भी झेलो, तो धन्य होय; पर मानसे क घाबरायने छे मा घाबरायो, आरू नी घाबरायु,
14 ✝यदि तुमू न्यायपन क कारण दुःख भी झेलो, तो धन्य होय; पर मानसे क घाबरायने छे मा घाबरायो, आरू नी घाबरायु,