15 पुन मसीह क पोरबु जानीन आपसा–आपसा मन मा चुखलो समझु। जो काही तुमू छे तुमरी आश क विषय मा काही पूछया, ओको जवाब देने क करता सर्वदा तीयार रयो, पर नम्रता आरू भय क साथे।
15 पुन मसीह क पोरबु जानीन आपसा–आपसा मन मा चुखलो समझु। जो काही तुमू छे तुमरी आश क विषय मा काही पूछया, ओको जवाब देने क करता सर्वदा तीयार रयो, पर नम्रता आरू भय क साथे।