पौलुस क दुय कावा मंडळी छे मिवने की लालोच
17 हे भाईस, जव हामु थोडी देर क करता, मन मा नी वरना प्रगट मा तुमू छे अलग होय गया हुता, तो हामु ने मोटी लालसा क साथे तुमरे मुय देखने क करता आरू भी सवटो यत्न कर्या।
17 हे भाईस, जव हामु थोडी देर क करता, मन मा नी वरना प्रगट मा तुमू छे अलग होय गया हुता, तो हामु ने मोटी लालसा क साथे तुमरे मुय देखने क करता आरू भी सवटो यत्न कर्या।