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Atos 10

पतरस आररनि

1 सरिरनिवन एक ो, इतिवन पलटनन ो। 2 भको, आरआपससब घरसहवत यहा–भगवखतो, आरयहि नसघण ा, आरबरबर यहा–भगवथनकरतो। 3 हड़ेसरपहरन िकट दरशन पषि यहा–भगवनन एक रगदआवकयती, रनि!

4 ओकआरिकयो,

"थनआरकरतयहा–भगवनन मनी।" 5 आरिनसकलशमनन, पतरस वयती, लव6 शम, मड़ाकरननतरी, घर दरि़े ी। 7 जव रगदओककरगया, करो, आरहजरयकरतइनएक भकिा। 8 आरआखकलो।

9 िसरहड़े जव लता–लताँवन ा, िनदहडिकट पतरस छत पर थनकरनचहडो। 10 ओकआरवतो, जव कर रयगया। 11 आरि रग उगड़ी गयो; आरएक दरसमलटका, रयन उतर रयी। 12 िधरतआखरकरन आरेंगनजनआररगदतन िा। 13 ओकएक ओसओवमविो, "पतरस उठ, आरा।"

14 पतरस कयो, "रबकदी; हकि कदििटळ िी।"

15 ओवसरओवमविो, "यहा–भगवठरी, ओकिटळ कय" 16 ओसो; तव ततरग पर उठगयो।

17 जव पतरस आपसमन िा, ि दरशन सकती, रनिकला, शमनन घरन पतलग़ीझपलपर आवउबा। 18 आरआयड़ीछना, "शमपतरस यती, नतरी?"

19 पतरस ओकदरशन पर रया, ि आतओककयो, ", नसी। 20 वलउठ़ीा, आरि: इनदरे; हकि कली।" 21 तव पतरस उतरइन नसकवो, "ु, कर रय, ी। मरआवनरण ी?"

22 कयो, "रनिआरयहभगवखतआरसब यहि ि नसी, एक खलरगदिि आपनघर वचन मवा।" 23 तव दरतरकर्‍ा। िईन हय िदरि

सरहड़े ींदरगया, आरईसगया। 24 िसरहड़े सरिा, आररनिआपनघरआरोंएखठकरइनदररया। 25 जव पतरस आय रयो, रनिओकेंकरी, आरऐरपर पड़ीओकनमसकर्‍ा। 26 पतरस ओकउठ़ीकयो, "उभ, ी।" 27 आरअतरकरतचकरतगया, आरघण नसएखठ28 कयो, "नति हरजगति करनयहि करतअनी, यहा–भगवमखि नसििटळ ु।" 29 अतरकरजव गयिकयआशिछति मखमन करतगया।

30 रनिकयो, इनघड़ी, हड़ा ा, आपनघर सरपहर थनकर रया; ु, चमकगड़ा हर्‍मनआवउबो। 31 आरकयना, रनि, थनमवगययहा–भगवनन मनमरण कर्‍गयी। 32 अतरकरकलशमनन पतरस कहवी, ा। दरि़े शम, मड़ाकरनघर नतरी। 33 तव ततनसकल, आरभलकर्‍आय गया। िआखयहा–भगवनन मनी, ि यहा–भगवकयओकमवा।

पतरसन ि

34 तव पतरस कयो, िमखि सचमयहा–भगवपककरता। 35 वरनहर ि ओकिहतआरयन करती, ओकी। 36 वचन इसएलन कला, जव ईशमसहन आखरबांखबर मवा। 37 वचन नत, यहबपतिखबरन ओतगलहईन सब यहि पसरगयो। 38 यहा–भगवि ईशसरखलआतआरशकि अभिकर्‍ा; भलकरतआरआखनन सतो, रलकरे, हकि यहा–भगवइनदरो। 39 इन मन गवी; यहि आरयरशलकर्‍ा, आरओकसन पर लटक़ी40 यहा–भगवसरहड़े ो, आररगट कर िी। 41 आखनसपर वरनइन गवपर यहा–भगवहल ो, एणपर अतरकरमरलवन उठनओतअतरकर42 आरआपि नसखबर करआरगवु, ि ियहा–भगववतलआरमरली। 43 सब भवियवकगवि ओकपर िकरसी, अतरकरऐरवन पन िवसी।

यहि गहन पर खलआतउतरन

44 पतरस कय ि खलआतवचन आखमवनपर उतर आयो। 45 आरतरखतनकर्‍िपतरसन आश ा, आखचकिि रयहपर खलआतगय ी। 46 हकि ि िलतआरयहा–भगवनन बढ़ाकरतमवइन पर पतरस कयो। 47 "सकति बपतिे, मरसमखलआती।" 48 आरि ईशमसहन वन बपतितव ओकवनकरि हड़ा आरअतरकररवु।

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