51 ए एक मोनिया, आरू मन आरू कान्टा न काटायला लोगहन, "तुमू जलोम चुखली आत्मा न विरोध करे। जसा तुमरा डाहडा करता हुता, ओसात् तुमू भी करी रया। 52 कागळिया माईन किनको तुमरा डाहडा नी सताया? आरू त्या तिना न्यायी क पछो आवने न पेहल छे खबर देने वाळा क मार नाखिया, आरू हाय तुमू भी हेको धरावने आरू मार नाखने वाळा होया