4 चे कयो, "हे गुरू! या बाई व्यभिचार धराय गयी छे।" 5 "व्यवस्था मा मूसु हामुक काजे हुकुम देदी छे कि ओसली बाया पर दगड़ा देयो। शेवली कावा तु इन बाईन विषयमा काय कयता छे?" 6 हेकोने ओका सी पारखनेन करता यी वात कयी ताकि उका पर दोष लागावनेन करता कोय वात जुवे। पुन ईशु झुकीन आंगवी करीन धरती पर लिखने लाग्यु। 7 जव चाँ उका काजे पुछता रवे, ते ओका सी सुधु होईन उका कयो, "तुखेमा जो निष्पाप छे, त्यो पेहल ओका सी दगड़ा दिदा।" 8 आरू पछु बठीन धरती पर लिखने लाग्यु। 9 पुन चाँ यो सोमवीन डाहला रईन नानला तक, एक एक करीन निकली गया, आरू ईशु एखलु रया गयु, आरू स्त्री चाँ वीच मा उभी रया गयी। 10 ईशु सुधु होईन उका कयो, "हे नारी, चाँ क गया? काय कोय तुखे पर दण्डन हुकुम नी दिदा?" 11 ओको कयो, "हे पोरबु, एकदु कयो।" ईशु कयो, "हाव भी तुखे पर दण्डन हुकुम नी देता; जा आरू पछु पाप मा करे।"