4 "तुमू मा छे कुण छे जेरा सौ गाडरा होय, आरू उनमा छे एक खुवाय जाय तो चारविसु नोव क जंगलमा छुड़ीन ओको खुवायली हुये क जव तक मीवी नी जाय खुवता नी रया?" 5 आरू जव मिवी जाती छे तव वो मोटा खुशी छे ओको खांदा पर लीन जाता छे। 6 आरू घर मा आवीन दोस्त आरू धडेवावा क एखठा करीन कयता छे, "मारे साथे खुशी करो, काहकि मारी खुवायला होयी गाडरा जड़ गयला छे।" 7 हाव तुमछे कयता छे कि इनी रीति छे एक मण फिरावने वावा पापी क विषयमा भी सोरगमा ओत्रा ही खुशी होय छे जोत्रा कि चारविसु नोव ओसो न्यायीन क विषय नी हुयसे जीने पाप कयनो छुड़ दिया कि छचो नी।