27 जिना दहाडे तक नूह ढोंड्या पर नी चढया उना दिन तक मानसे खाता, लोगहन खाता–पीता हुता, आरू इहाव वियाव हुयती हुती। तव जलप्रलय ने आवीन उन सब क नष्ट कर्या।
27 जिना दहाडे तक नूह ढोंड्या पर नी चढया उना दिन तक मानसे खाता, लोगहन खाता–पीता हुता, आरू इहाव वियाव हुयती हुती। तव जलप्रलय ने आवीन उन सब क नष्ट कर्या।