ईशु गुलर क झाड़को क साप दिदो
12 दीसर दाहड़ा जव वो बैतनिया छे निकवीन तो ईशु क भुख लागी। 13 वो दुर छे अंजीर क झाड़को क किनारो देखीन त्यो उका पास मा गियो कि काय जाने उको काही देख्या: पर पान्टा क छुड़ीन काही नी देख्या; काहकि फव क टेहाव नी हुता।
14 इन पर त्यो ओको कयो, "हिमी छे काही तारे फव कदी नी खाय!" आरू ओका चेला सोमवीन रया हुता।