ईशु सुकला हातवावो लोगहन क वारू करने
1 ईशु पछु प्रार्थना घर मा गयु; चाँ एक मानुस तेरू सुखलु हाथ हतु, 2 आरू वो तीना पर त्योगली लागाड़ ने क करता ओकी घात मा लाग्या हया हुतो, कि देख, वो आराम क दाहड़े मा भी ओको वारू करतो छे कि नी। 3 ईशु कयो कि सुखला हातवावा मानुस काजे "वीच मा उभु रहने कयो।"
4 आरू तीनाक कयो, "काय आराम क दाहाड़े वारलो करनेन वारू छे यो बुरो करने, जीव क वाचावने या मारीने?" पर वो चुप रया। 5 "आरू त्यो तिनुक मनम क रिस होईन ओथुन–अथु भावीन तीनु मानसक कयो, आपनु हाथ ओगु करू।" आरू त्यो कर्यु, आरू तेरू हाथ सुधरी गयो।