33 वो तिनुक इनीये प्रकार क घोणा छे सपनो आपीन ओकान समझ क लारे वचन सोमवता हुता, 34 आरू बिना सपनो कये वो उनछे काही भी निही कयता हुता; पुन सुनला मा वो आपने निज चेला क सब वात क मतलब समजाड़तो हुता।
33 वो तिनुक इनीये प्रकार क घोणा छे सपनो आपीन ओकान समझ क लारे वचन सोमवता हुता, 34 आरू बिना सपनो कये वो उनछे काही भी निही कयता हुता; पुन सुनला मा वो आपने निज चेला क सब वात क मतलब समजाड़तो हुता।