38 प्रार्थना घरन क सरदार क घर पुग गयो, ईशु लोगहन क रोड़ता आरू आयड़ता देख्या। 39 तव ईशु ओको पास जाईन कयो, "तुमू काँ रड़ु पोराय मरी नी पुन सुव रया।"
40 चे ईशु क हासने लाग्या तेत्योर ईशु सबहन क बाहर निकाल्यो पोराय माय–बास क आरू ओको साथी पास गयो, जा चाँ पोराय पड़ रया हती। 41 आरू पोराय क हात धरीन ओको कयो, "ललीता कुमी" ओको मतलब, "हे पोराय, हाव तखं कयो तु उठ!"
42 आरू पोराय तत्काल उठीन चालने आरू फिरने लागी; काहकि ची पोराय बारा साल क हती। ओको पर लोगहन भोंगलाय गया।