11 "पुन तुमू कयता होय की यदि काही आपने बास वो माय छे कये, जो काय तुखे मखे छे लाभ पुग सकता हुता, वो कुरबान मतलब संकल्प होय चुक्यो।" 12 तो तुमू ओको ओका बास वो ओकी माय की काय सेवा करने नी दिदा। 13 "इनीये प्रकार तुमू आपसी रीति छे, जिन्हे तुमू ने ठहराया छे, यहोवा–भगवान क वचन टावने देद होय; आरू ओसो घोणा छे काम करता होय।"
मानुस क विटळ करने वावी वात
14 तव ईशु ने मानसे क आपने साथे बुलावीन उनछे कयो, "तुमू आखा मारी सोमवु, आरू समझु। 15 ओसी काही समान नी जो मानुस मा बाहरता छे समाकर ओको विटळ कर्यो; पुन जो समान मानुस क माहाय छे निकवती छे वो ही ओको विटळ करती छे।