मंदिर क कर
24 जव त्या कफरनहूम मा पुग गया, तो मंदिर क पास आवीन पुछ्या, "काय तुमरो गुरू मंदिर क फालो लेनेवाला पतरस क जु आवीन पुछा काय तुमरो गुरू मंदिर क फावो नी देय?"
25 त्यो कयो, "होव, देय।"
जव त्यो घर मा आयो, तो ईशु उको पुछने सी पेहले उका सी कयो, "ए शमौन तु काय समझे? धरती क राजा फाळो कुनी सी लेदो? आपसा पोर्या सी या दिसरा सी?"
26 "पतरस उन क यो कयो, पराया सी।"
ईशु उका सी कयो, "तो पोर्यो वाच गियो। 27 पछु भी हामु उको ठुकर नी खवाड़े, तु नदी क किनारे जाईन जाल न्हाख, आरू जो माछली पेहले निकले, उको ली ले; तो ओको मुय खोलजी उका मा एक सिक्को मुवसे, उना क लीन मार आरू थारे बदले ओको दे देजी।"