निर्दयी सेवक क सपनो
21 18:21 लूका 17:3,4 तव पतरस ईशु क पास आवीन कयो, "ए पोरबु, कदाम म्हार भाई पाप करतो रये, तो हाव कतरी वार उको माफ करो, काय सात वार तक?"
22 ईशु ओको सी कयो "हाव थार सी यो नी कहवो, कि सात बार तक, बाकुन सात बार क सत्तर क सात गुना तक।
23 "अतरानकरीन करीन सोरग राजा उना राज क समान छे, जो आपसा दास सी लेखो लेनो चाहे। 24 जव त्यो लेखो लेने लागी गियो, तो एक जन उका सामने लायो गियो जो करोड़ो रूपयान कर्जदार हुतो। 25 जव कि त्योकाड़ने करीन उका पास मा काय नी हुतो, तो ओको मालिक कयो, कि त्यो आरू ओकी घर वाली आरू पोर्या पारी आरू जो काय ओको छे सब वेची दियो जाय, आरू वा कर्ज त्योकाड़ी दियो जाय। 26 इना पर त्यो दास मालिक क सामने गीरीन नमस्कार करियो, आरू कयो, ‘ए मालिक, गम राख हाव सब काय भर दिस।’ 27 तव उना दास क मालिक उका पर तरस खाईन छुड़ दीदो, आरू ओको कर्ज माफ कर दियो।
28 "बाकुन जव त्यो दास बाहर निकलियो, तो उका साथी दास माईन एक मिलियो, जो ओको सौ दीनार क कर्जदार हुतो; त्यो उको धरीन गलो दड़पीन कयो, ‘जो काय म्हार सी जो कर्ज लेदला छे पछो आप दे।’ 29 इना पर ओको साथी दास गिरीन, उका सी विनता करीन कयो; गम धर हाव सब भर दिस। 30 त्यो नी मानियो, बाकुन जाईन जेल खाना मा डाल दियो; कि जव तक कर्ज नी भर देय, तव तक वात रहवे। 31 ओको साथी दास जो हुयो हुतो देखीन बैस नराज हुयो, आरू जाईन आपसा मालिक क पूरो हाल कय देदो। 32 तव उको मालिक जेल खाना डालने वाला उना दास क बुलावीन कयो, ‘ए दुष्ट दास, तु जो म्हार सी विनती करियो, तो हाव थारो त्यो पूरो कर्ज माफ करीयो। 33 अतरानकरीन करीन जसो हाव थारे पर दया करियो, वसोत काय तुखे भी थारा साथी दास दया नी करनो हुतो काय?’ 34 आरू ओको मालिक रीस मा आवीन उको दण्ड देने वालान क हाथ मा सौप दियो, कि जव तक त्यो सब कर्ज नी भर देय, तव तक उका हाथ मा रये।
35 "इनी रीति सी कदाम तुमरे माईन हर एक आपसा भाईस मन सी माफ नी करसे, तो म्हार बास जो सोरग मा छे, तुमरे सी भी वसोत करसे।"