पुनरूत्थान आरू वियाव
23 22:23 प्रेरितन 23:8 उना दिन सदूकियो जा कयता छे कि मरला क पछो जीवनो नी हय, ईशु क पास आया आरू पुछिया, 24 "ए गुरू, मूसा तो कयो हुतो, कि कदाम कोय बीना अवलियाद क मर जाय, तो ओको भाई ओकी घर वाली सी वियाव कर लेय आरू आपसा भाई क करता अवलियाद पैदा करे। 25 अब हामरे या सात भाईस हुता; पेहलो वियाव करीन विना अवलियाद मर गियो; आरू अवलियाद नी हुयने क कारण आपसी घर वाली क आपसा भाई क करता छुड़ गियो। 26 इनी रीति सी दुसरो आरू तीदरो भी करियो, आरू सात भाईसो तक यो हुयो। 27 सब क बाद मा सेवाट त्या बायर भी मर गयी। 28 हिमी जीव उठने पर त्या बायर सातो माईन कुनीन घर वाली हयसे? काहकि त्या सबन घर वाली बनली हती।"
29 ईशु उन लोगहन क जवाब देदो, "तुमू चुखलो शास्त्र आरू यहोवा–भगवानन शक्ति नी जानो; इना कारण सी भुल मा पड़ गया। 30 काहकि जीव उठने क बाद मा इहाव–वियाव नी हये; बाकुन त्या सोरग क मा सोरगदूत समान हुयसे। 31 बाकुन मरला माईन जीव उठने क बारा मा काय तुमू यो वचन नी भणिया जो यहोवा–भगवान तुमरे सी कयो: 32 हाव अब्राहम क यहोवा–भगवान, आरू इसहाक क यहोवा–भगवान, आरू याकूब क यहोवा–भगवान छे? त्यो मरला क नी, बाकुन जीवतलान क यहोवा–भगवान छे।"
33 यो सोमवीन लोगहन शिक्षा सी घबराय गिया।