अकलमान आरू मुर्ख मानुस
24 अतरान करीन–करीन जी काही यी वात सोमवीन तिनुक मानता छे चो तीनाक अकलमान मानुस क समान ठरसे जे आपसा घर चट्टान पर बनाड़े। 25 आरू वरहात आरू बाढ़े आवी, आरू वादुन आयु, आरू तिना घर पर टक्कर लागी, पुन चो नी पड़्यो, काहकि तेरी नींव चट्टान पर नाखी गयी होती।
26 पुन जो काही मारी यी वात सोमवाता छे आरू तिनु पर नी चालता चो तिन मुर्ख मानसोन समान ठरसे जे आपसो घर वासणी पर बनाड़े। 27 आरू वरहात, आरू आवी, आरू आंझी चाली, आरू तिन घर पर टक्कर लागी आरू चो पड़ीन सच्चाई नाश होय गयो।