11 हे मोरिक प्रिय संघरियन, तुहुरे यी संसारमे विदेशीनके हस और प्रवासीनके हस बैठल बतो। मै तुहुरिन्हे अनुरोध करतुँ कि शरीरके उ सक्कु खराब इच्छासे दूरे बैठो। काकरेकी असिन चाहना हरदम तुहुरिन्के प्राणके विरोधमे रहत।
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11 हे मोरिक प्रिय संघरियन, तुहुरे यी संसारमे विदेशीनके हस और प्रवासीनके हस बैठल बतो। मै तुहुरिन्हे अनुरोध करतुँ कि शरीरके उ सक्कु खराब इच्छासे दूरे बैठो। काकरेकी असिन चाहना हरदम तुहुरिन्के प्राणके विरोधमे रहत।