वचन सिखुइया अगुवनहे सम्मान
17 मण्डलीक कौनो फेन अगुवनहे उचित सम्मान देहे परत, जेने अपन कामहे मजासे करथाँ। और विशेष रुपमे ओइन्हे जेने परमेश्वरके सन्देशहे सिखाइक लग और प्रचार करक लग कर्रा मेहनत करथाँ। 18 काकरेकी पवित्र शास्त्रमे असिक कहिके लिखल बा, "दाँइबेर गोरुनहे अनाज खाइक डरे ओइन्के मुहेँम मोख्री ना लगैहो।" फेनदोस्रे पवित्र शास्त्रमे असिके लिखल बा "मजदूरहे अपन मजदूरी भेटैना ओकर हक रथिस।" तबेकमारे हम्रे जन्थी कि मण्डलीक मनै अगुवनहे सहयोग करे परत।