8 पर प्रिय हो, जात्तिकमे यी बात ना बिसराऊ, परमेश्वरके लग एक दिन हजार साल हस और हजार साल एक दिन हस रथिन। हुँकिन्हे एक दिन और एक हजार दिन सक्कु एक्के हस रथिन। 9 कौनो मनै सोँच्थाँ कि प्रभु अपन फिर्ता अइना वाचा पूरा करनामे बेर करतताँ। पर प्रभु उ मेरसे बेर नै करथुइँत। बेन ऊ तुहुरिन्हे धैर्यता देखाइतताँ। काकरेकी ऊ केऊ फेन नाश ना होए कहिके चहथाँ। पर सक्कु जाने अपन मन बदलके पाप करे छोरदिँत कना ऊ चहथाँ।
10 पर ख्रीष्ट पक्कै फेन घुमके अइहीँ। ऊ चोरनके हस नै सोँचल समयमे फिर्ता अइहीँ। उ समयमे आकाशमे बरवार आवाज आई, और आकाश हेराजाई। आकाशमे रहल सूर्य, जोन्ह्याँ और तोरैयाँ आगीलेके पूरा रुपमे नाश होजिहीँ। उ दिन, मनैनके पृथ्वीमे कर्लक सक्कु काम ओइन्के न्याय करक लग परमेश्वर देखैहीँ।
11 यी बात पक्का बा कि परमेश्वर असिके सक्कु चिजहे नाश करदिहीँ। तुहुरिन्हे पता बा कि तुहुरिन्हे कसिके जीवन जिए परत। तुहुरिन्के व्यवहार और तुहुरिन्के करना सक्कु काम पवित्र और परमेश्वरहे खुशी बनैना हुई परत। 12 तुहुरे उ दिनके प्रतिक्षा करेबेर, जब परमेश्वर संसारके न्याय करे अइहीँ, उ दिन झत्तेहेँ आए कहिके अपन सेक्ना कोशिस करो। उ दिन आगी बरी और आकाशहे नाश करदी, और आगीक आँचलेके आकाशमे रहल सक्कु चिज गलादी। 13 पर हम्रे विश्वासीन परमेश्वरके वाचा कर्लक लावा स्वर्ग और लावा पृथ्वीक डगर हेर्थी। वहाँ सक्कु ठाउँ मनै परमेश्वरके इच्छा अनुसार जिथाँ।