आत्मिक ज्ञानके लग प्राथना
15 उ सक्कुहुनके कारण जोन परमेश्वर कर्ले बताँ। जबसे मै प्रभु येशूकमे तुहुरिन्के विश्वासके बारेमे, और परमेश्वरके पवित्र मनैनहे कर्लक तोहाँर प्रेमके बारेमे सुनके। 16 मै जबफेन तुहुरिन्के लग परमेश्वरहे धन्यवाद देथुँ। और अपन प्राथनामे मै तुहुरिन्हे सम्झथुँ।
17 मै प्राथना करतुँ, कि परमेश्वर, हमार प्रभु येशू ख्रीष्टके महिमामय बाबा, तुहुरिन्हे अपन आत्मा दिँत, जे तुहुरिन्हे बुद्धिमान बनादी। और परमेश्वरहे तुहुरिन्केमे प्रकट करी, ताकि तुहुरे परमेश्वरहे जाने सेको। 18 मै यी फेन प्राथना करथुँ, कि सच्चाईहे बुझक लग परमेश्वर तोहाँर सहायता करिँत। और तुहुरे उ आशक बारेमे फेन जाने सेको, जोन आशा देहक लग ऊ तुहुरिन्हे बलैले बताँ। और तुहुरे जाने सेको कि परमेश्वरके अपन पवित्र मनैनहे वाचा कर्लक आशिष कतरा महान और महिमित बतिन।
19 और यी फेन जाने सेको कि हम्रे विश्वासीनके लग परमेश्वरके उ शक्ति तुलना करे नै सेकजैना रुपमे बहुत महान बतिन। और वहे बहुत महान शक्ति, 20 ख्रीष्टहे मुअलमेसे जिवैलस। और हुँकिन्हे स्वर्गमे परमेश्वरके दाहिन हाँथ ओहोँर सम्मानके ठाउँमे बैठैलिन। 21 ख्रीष्ट सक्कु मेरिक शासन, और अधिकार, और शक्ति और शासक पदसे उप्पर और यहे युगके किल नै होके अइना युगके फेन जतरा नाउँ बा, यी सक्कुहुनके उप्पर हुँकिन्हे धर्लिन।
22 और परमेश्वर सक्कु चिजहे ख्रीष्टके अधिनमे करदेले बतिन। और हुँकिन्हे मण्डलीक भलाईक लग हरेक चिजके अगुवा बनादेलिन। 23 तबेकमारे ख्रीष्ट मण्डलीक कपार हस हुइँत, और मण्डली हुँकार शरीर हस हुइतिन। मण्डली ख्रीष्टके माध्यमसे भरल बा, और ऊ सक्कु ठाउँमे हरेक चिजहे अपन हाजिरीसे भरदेथाँ।