थरवा और जन्नीनहे आदेश
22 हे जन्नी मनै, तुहुरे अपन-अपन थरवक अधिनमे बैठो, जसिके तुहुरे प्रभुक अधिनमे रथो। 23 काकरेकी थरवा जन्नीक कपार हो, जसिके ख्रीष्ट मण्डलीक कपार हुइँत; और ख्रीष्ट मण्डलीक मुक्तिदाता हुइँत, जोन कि हुँकार अपन शरीर हुइतिन। 24 जसिके मण्डली ख्रीष्टके अधिनमे बा, ओस्तेहेँके जन्नीनके फेन हरेक बातमे अपन-अपन थरवनके अधिनमे रहिँत।