24 मिश्र देशके फारो रज्वक छाई मोशाहे पल्लिस। मोशा भारी होके सेकल ते विश्वासेसे ऊ नै चाहल कि मनै उहिहे राजकुमारीक छावा कहिँत। 25 एक घचिक लग पापके सुख भोग्नासे बेन परमेश्वरके मनैनके संग दुःख भोग्ना मोशा रोजल। 26 मिश्र देशके धनसम्पत्तिसे ख्रीष्टके लग निन्दित हुइना ऊ किम्ती सम्पति मानल। काकरेकी ओकर नजर भविष्यमे मिल्ना ईनाममे लागल पलिरहिस।