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João 11

21 तबकहल, "रभु, अपियहाँ रहपरनरहे; तब िरहे। 22 पर अभिनतुँ, अपि परमवरसी, परमवर अपििीँ।" 23 उहिकलाँ, "ाँनदि" 24 कहल, "नतुँ, ि यक िनमनदिउठ" 25 उहिकलाँ, "वहइतुँ, अल मननहनदसदलकवन हते-महििकरथाँ, सकिओइननदिि िीँ। 26 िकमिाँ, और िकमिकरथाँ, ओइनकबीँ। ुँ िकरथो?" 27 कहल, "ाँ रभु, िकरथुँ, अपि रमअउइय, परमवरकइती।"

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