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यूहन्ना 9

जलमतिधर मनाँ बनलक

1 जब वहाँइतििँ, तब एकथजलमतिधर मनाँ। 2 ुँलनकुँिुँाँ, "ी, करल ि यकर ई-बकरि, कर पकरण धर9:2 आँधर; यहूदी गुरुनके मानिँत कि दुःख, आँधर हुइना जसिन चिज पाप कर्लक कारण हुइत; किहुहे ओकर दाईबाबक पापके कारण या पेटमे रहल समयमे दाई या भुणमे रहल बच्चक करल पापके कारण असिन दुःख उठैना परे सेकत। जलमल?" 3 जवाँ, "करल यकर ई-बा, पर परमवरकशकि मनयक वनमरकट कहिधर मनजलमल4 महिपठइल ओकर हमिरहलसमयमकरदी। आइता, तब करी। 5 रमरहतसम रकओजरइतुँ।" 6 कहिइयाँाँ, और िपन बनओकर लगाँ। 7 तबउहिकलाँ, ", और अपन िआमकतलव" (िआमकमतलब ो, पठिलक) तब अपन , और वहाँाँ मल8 ओकर न-परसकमनऔर मनै, उहिाँगत खल रहिँओइनएकदसर जहनसकहलगाँ, "वहो, ाँे?" 9 ऊ-ककहल, "वहो।" और रजकलाँ, "ो, ओकहस िइत" तब धर मनओइनकहल, "वहइतुँ।" 10 तबओइनउहिुँाँ, "ैँ ाँ कसिइले?" 11 जवहल, "कनएकथमनिपन बनिलगाँ, और महिकलाँ, , और अपन िआमकतलवतबतलवइनु, और ाँ िु।" 12 ओइनउहिकलाँ, "मनकहाँ बताँ?" कहल, "जनुँ।"

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