15 ऊ ओइन्हे फेनदोस्रे कलाँ, "हौश्यार रहो, सक्कु मेरिक लालचसे बँच्ना काम करो। काकरेकी मनैयक जिन्गी ओकर धनसम्पत्तिक प्रशस्ततामे नै रहत।"
16 येशू ओइन्हे एकथो दृष्टान्त कलाँ, "कौनो एकथो धनी मनैयक जग्गामे फालाफाल उब्जनी हुइलिस। 17 ऊ अपन मनमने सोँचे लागल, ‘मोरिक थेन अनाज धरना भारी ठाउँ नै हो, आब महिन्हे का करे परी कहिके महिन्हे पता नै हो।’ 18 तब् ऊ कहल, ‘महिन्हे पता बा कि महिन्हे का करे परी: मै अपन देहरी भस्काके आकुर बरबर देहरी बनैम, और मोरिक सक्कु अनाज और सम्पति वहैँ धारम। 19 तब् मै अपनहे अप्निहीँ कहम, कि आब बहुत सालसम पुग्ना मोरिक लग बहुत्ते सम्पति होगिल बा। आब मै खा पिके अराम करम।’ 20 पर परमेश्वर उहिहे कलाँ, ‘ए मूर्ख, आझिए रातके तैँ मुजिबे, और तोरिक जमा करल चिज के ली? जोन तैँ अपन लग जमा करल बते।’ 21 उ मनैयक संग फेन अस्तेहेँ हुई, जे सक्कु चिज अपन लग जमा करत। पर परमेश्वरके सेवा करक लग अपन सम्पति प्रयोग नै करत।"