विधवा जन्नी और अधर्मी न्यायधीश1 ओकरपाछे ओइने रोज प्राथना कर्ती रहे परत, और निराश नै हुई परत कहिके येशू अपन चेलनहे एकथो दृष्टान्त कलाँ,
विधवा जन्नी और अधर्मी न्यायधीश1 ओकरपाछे ओइने रोज प्राथना कर्ती रहे परत, और निराश नै हुई परत कहिके येशू अपन चेलनहे एकथो दृष्टान्त कलाँ,