61 और प्रभु घुमके पत्रुसहे हेरलाँ। "आज मुर्घा बोल्नासे आघे तुँ महिन्हे तीनचो अस्वीकार करबो!" कहिके कलक प्रभुक वचन पत्रुसहे याद अइलिस। 62 और ऊ बाहेर निकरके धरधर-धरधर रुई लागल।
61 और प्रभु घुमके पत्रुसहे हेरलाँ। "आज मुर्घा बोल्नासे आघे तुँ महिन्हे तीनचो अस्वीकार करबो!" कहिके कलक प्रभुक वचन पत्रुसहे याद अइलिस। 62 और ऊ बाहेर निकरके धरधर-धरधर रुई लागल।