18 कौनो मनै एकथो कुँज रोग लागल मनैयाहे दरीमे नन्लाँ, और ओइने उहिहे भित्तर नाने और हुँकार थेन धारे खोज्लाँ। 19 पर भीड़के कारण उ मनैयाहे भित्तर येशूक थेन पुगाई नै सेक्लाँ ते ओइने छँपरक उप्पर चहुँरलाँ। और ओइने खप्टा उजारके उ मनैयाहे दरीसुन्धे झुलाके मनैनके बिच्चेमे येशूक आघे उतारदेलाँ। 20 येशू ओइन्के विश्वास देख्के कलाँ, "ए मोरिक संघरिया तोहाँर सक्कु पाप माफ होगिल।" 21 तब् फरिसी दलके मनै और यहूदी कानुनके गुरुनके प्रश्न करे लग्लाँ, "यी ते परमेश्वरके निन्दा करता! पाप ते परमेश्वर किल माफ करे सेक्थाँ।" 22 पर येशू ओइन्के मनके बात बुझके कलाँ, "तुहुरे अपन मनमे असिन काकरे सोँचतो? 23 का कना सहजिल बा, ‘तोरिक पाप माफ होगिल’ कना कि ‘उठ् और नेङ्ग’ कना? 24 पर मै चहथुँ कि तुहुरे जानो कि मै, मनैयक छावाहे धर्तीमे मनैनके पाप माफ करना अधिकार बा।" तब् येशू उ कुँज रोग लागल मनैयाहे कलाँ, "मै तुहिहे कहतुँ, ठरह्याजा, अपन दरी उठा और अपन घरे जा।" 25 तब् उ जुरतेहेँ ओइनेहेँन्के आघे उठल, और जोन खटियामे उ बिल्तल रहे, उहिहे उठाके परमेश्वरके महिमा कर्ती उ अपन घर ओहोँर चलगिल।