35 संझक हुँकार चेलनके हुँकार थेन आके कलाँ, "यी एकथो सुनसान ठाउँ बा, और आग्गिहीँ बहुत बेर होसेकल बा। 36 मनैनहे फिर्ता पठादी ताकि ओइने आँजरपाँजरके बजार और गाउँमे जाँइत, और अपन लग खैनक बन्दोबस्त करे सेकिँत।" 37 पर येशू कलाँ, "तुहुरे ओइन्हे खाइक लग देऊ।" ओइने पुँछ्लाँ, "का हम्रे दुई सौ चाँदीक सिक्का देके रोटी किनी और यनहे खवाई?" 38 तब् येशू ओइन्हे पुँछ्लाँ, "तुहुरिन्के थेन कैथो रोटी बा? जाके हेरो।" जब ओइने खोज्लाँ और येशूहे बतैलाँ, "पाँचथो रोटी और दुईथो मच्छी बताँ।" 39 तब् येशू अपन चेलनहे कलाँ, "मनैनहे हरियर घाँसमे पहाँटिक पहाँट बैठादेऊ।" 40 तब् मनै सौ-सौ और पचास-पचासके पहाँट बनाके बैठ्लाँ। 41 तब् येशू पाँचथो रोटी और दुईथो मच्छी लेलाँ, उप्पर स्वर्ग ओहोँर हेरलाँ, और परमेश्वरहे धन्यवाद देलाँ। ऊ रोटीहे खन्टैलाँ, और मनैनहे बाँटक लग चेलनहे देलाँ। येशू मच्छी फेन बाँटदेलाँ ताकि सक्कु जाने भेटाई सेकिँत। 42 उ सक्कु जाने जतरा मन रहिन, ओत्रा खैलाँ और अघागिलाँ। 43 जब सक्कु जाने खाना खाके सेक्लाँ, और खन्टैलक उब्रल रोटी और मच्छी चेलनके जमा करलाँ ते उ बाह्र छिट्वा रहे। 44 जेने रोटी खैलाँ, ओइने पाँच हजार जाने रहिँत। ओइने जन्नी और लरकनहे नै गिनित।