Pular para o conteúdo
Publicidade

मत्ती 1

टकजलम

18 टकजलमसआघअसिइल: मरियमकठकफकइल रहि, पर ओइनइनआघुँएममरियम पविआतमक शकिाँ इलक पतचलल(ुँएमाँ इनशक ियम नकिधमरहे।) 19 पर ओकर इनथरवमजमनइलक ओहोँरसे, उहिजमपरनइचकरकउहिठकरनिकरलअसियहरणसोँचल, करयदि ौँइनआघाँ इत कलअसिइनकलक शक ियम नकउलघन करनो। 20 पर जब िकरते, तब ओकर सपनपरमवरकवरगदपरि, और उहिअसिकलि, ", ऊदकसन, मरियमहअपन जनपमकरक लग िडरकरओकर टमबताँ। पविआतमक शकिइताँ। 21 एकथलरक, और ुँ ुँधरहो। करअपन मननहओइनपमीँ।"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também