गारल धन
44 येशू कलाँ, "स्वर्गक राज कौनो मनैयक एकथो खेट्वामे गारके धारल धन हस हो। जहाँ एकथो दोसुर मनैया भेटाइत, और फेनदोस्रे कोरके नुकादेहत, ताकि दोसुर जाने ना भेटाँइत। तब उ मनैया आनन्दित होके चलजाइत, और अपन थेन रहल सक्कु चिज बेँचके उ खेट्वाहे किनलेहत।"
बहुमूल्य मोती
45 येशू कलाँ, "फेनदोस्रे स्वर्गक राज मजा हिरामोती खोजुइया एकथो व्यापारी हस हो। 46 ऊ एकथो बहुमूल्य मोती भेटाइल, ते ऊ जाके अपन थेन रहल सक्कु चिज बेँचके उ मोतीहे किनलेहत।"