35 काकरेकी जब मै भुँखाइल रहुँ, तब तुहुरे महिन्हे खाई देलो। जब मै प्यासल रहुँ, तब तुहुरे महिन्हे पिए देलो। जब मै परदेशी रहुँ, तब तुहुरे महिन्हे रना ठाउँ देलो। 36 जब मै नङ्ते रहुँ, तब तुहुरे महिन्हे लुग्गा घलादेलो। जब मै बेमार रहुँ, तब तुहुरे महिन्हे हेरे अइलो। जब मै झेलमे रहुँ, तब तुहुरे मोरिक थेन भेँटा करे अइलो।’ 37 तब् धर्मी जनहुँक्रे महिन्हे जवाफ दिहीँ, ‘हे प्रभु, कब हम्रे अप्निहे भुँखाइल देख्ली और खाई देली? या प्यासल देख्ली और पिए देली? 38 कब हम्रे अप्निहे परदेशी देख्ली, और हम्रे रहना ठाउँ देली? अथवा नङ्ते देख्ली और लुग्गा घलादेली? 39 और कब हम्रे अप्निहे बेमार या झेलमे देख्ली और अप्निहे भेँटा करे अइली?’ 40 तब् मै, रज्वा ओइन्हे जवाफ देके कहम, ‘जात्तिके, मै तुहुरिन्हे कहतुँ, तुहुरे यी विश्वासी दादू-भैयनमेसे सक्कुहुनसे छुटिमेसे एक जहनहे ज्या-जतरा करलो, उ तुहुरे महिन्हे ते करलो।’
Publicidade
Publicidade