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मत्ती 5

43 असिकहत नल बति शक ियम नमअसििखल ा, अपन परकरऔर अपन मनहकरो।’ 44 पर िकहतुँ, अपन मनहकरऔर िसतइयनकलग थनकरो, 45 असिकरकलवरगमरहइयअपन बक सनइबो। खरऔर मजमननहयक ाँ, और धरऔर मननकलग बराँ। 46 करयदि िकरइयनहिकरथकलपरमवर िओकर ईनिीँ। करकर उठइयन असेँकरथाँ।"

47 "अपन ू-यनहिनमसकरथकलमननकलनओइनउर मजकरथइतो। करर-यहिनक, परमवरकलन करथाँ, ओइनओसेँकरथाँ। 48 तबकमजबफवहकरहो, िो, और ििपतचलि सकजहनहकरथो। जसिवरगमरहइयिवहकरत, इत ि सकनहकरथाँ।"

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