43 तुहुरे असिक कहत सुनल बतो कि मोशक नियम कानुनमे असिके लिखल बा, ‘अपन परोसीहे प्रेम करो और अपन दुश्मनहे घृणा करो।’ 44 पर मै तुहुरिन्हे कहतुँ, अपन दुश्मनहे प्रेम करो और तुहुरिन्हे सतुइयनके लग प्राथना करो, 45 तुहुरे असिके कर्बो कलेसे स्वर्गमे रहुइया अपन बाबक सन्तान हुइबो। ऊ खराब और मजा दुनु मनैनहे सूर्यक ताप देथाँ, और धर्मी और पापी दुनु मनैनके लग पानी बर्सैथाँ। 46 काकरेकी यदि तुहुरिन्हे प्रेम करुइयनहे किल प्रेम करथो कलेसे परमेश्वर तुहुरिन्हे ओकर ईनाम नै दिहीँ। काकरेकी कर उठुइयन फेन अस्तेहेँके करथाँ।"
47 "तुहुरे अपन दादू-भैयनहे किल नमस्कार करथो कलेसे दोसुर मनैनके तुलनामे ओइन्से धेउर मजा नै करथुइतो। काकरेकी गैर-यहूदिनके फेन, जेने परमेश्वरके कानुन पालन नै करथाँ, ओइने फेन ओस्तेहेँके करथाँ। 48 तबेकमारे जबफेन वहे काम करहो, जोन ठिक हो, और जिहिसे पता चले कि तुहुरे सक्कु जहनहे प्रेम करथो। जसिके स्वर्गमे रहुइया तुहुरिन्के बाबा वहे काम करत, जोन काम यी देखाइत कि ऊ सक्कुहुनहे प्रेम करथाँ।"