44 पर मै तुहुरिन्हे कहतुँ, अपन दुश्मनहे प्रेम करो और तुहुरिन्हे सतुइयनके लग प्राथना करो, 45 तुहुरे असिके कर्बो कलेसे स्वर्गमे रहुइया अपन बाबक सन्तान हुइबो। ऊ खराब और मजा दुनु मनैनहे सूर्यक ताप देथाँ, और धर्मी और पापी दुनु मनैनके लग पानी बर्सैथाँ।
44 पर मै तुहुरिन्हे कहतुँ, अपन दुश्मनहे प्रेम करो और तुहुरिन्हे सतुइयनके लग प्राथना करो, 45 तुहुरे असिके कर्बो कलेसे स्वर्गमे रहुइया अपन बाबक सन्तान हुइबो। ऊ खराब और मजा दुनु मनैनहे सूर्यक ताप देथाँ, और धर्मी और पापी दुनु मनैनके लग पानी बर्सैथाँ।