प्राथनक बारेमे
5 येशू कलाँ, "जब तुँ प्राथना करबो, तब् कपटीनके हस ना होऊ। काकरेकी ओइने यहूदी बैठक भवनमे और डगरके चौराहामे ठरह्याके प्राथना करथाँ, ताकि मनै ओइन्हे देखिँत, और ओइन्के प्रशंसा करिँत। जात्तिके, मै तुहुरिन्हे कहतुँ, मनैनके प्रशंसक रुपमे ओइने अपन ईनाम भेटासेकल बताँ। 6 पर जब तुँ प्राथना करबो, अपन भितरका कोन्तीमे जाऊ, और दवार लगाके अपन स्वर्गमे रहुइया बाबाहे प्राथना करो, जोन बाबाहे केऊ फेन देखे नै सेकत। तब तोहाँर बाबा जे गुप्तमे कर्लक काम देखत, ऊ तुहिन्हे ईनाम दि।