9 येशू वहाँसे जाइबेर मत्ती नाउँक एकथो लेवी मनैयाहे कर उठुइयनके ठाउँमे बैठल देख्लाँ। और उहिहे कलाँ, "मोरिक पाछे लाग।" तब् लेवी उठ्गिल और येशूक पाछे लागगिल। 10 जब येशू और हुँकार चेलनके मत्तीक घरेम खाना खाइतिहिँत। बहुत्ते कर उठुइयन और दोसुर बहुत्ते जाने, जिहिहे यहूदी मनै पापी कहिँत ओइने वहाँ रहिँत। ओइने फेन येशू और हुँकार चेलनके संग खाना खाइतिहिँत। 11 जब फरिसी दलके मनै उ देख्लाँ। तब् हुँकार चेलनहे कलाँ, "तुहुरिन्के गुरु काकरे कर उठुइयन और पापीनके संग बैठ्के खाइत?" 12 यी सुनके येशू ओइन्हे जवाफ देलाँ, "निरोगीनहे वैदक जरुरी नै पर्थिन। पर रोगीनहे वैदक जरुरी पर्थिन। 13 पर जाके यकर मतलब का हो कहिके तुहुरे सीखो: ‘मै बलिदान नै, दया चहथुँ।’ काकरेकी मै ओइन्हे बलाई नै अइनु, जेने अपनहे धर्मी मन्थाँ। पर मै ते पापीनहे बलाई अइनु, ताकि ओइने पाप करना छोरदिँत, और अपन मन बद्लिँत।"
उपवास सम्बन्धीक प्रश्न
(मर्कू. २:१८-२२; लूक. ५:२७-३२)