प्रशासकहुँक्रिहिन्के अधिनमे रना
1 हरेक मनै शासन करुइया अधिकारीनके अधिनमे बैठिँत; काकरेकी सक्कु अधिकार परमेश्वरके थेनसे आइत; और जोन अधिकार बताँ, उ परमेश्वरेके देलक हुइतिन। 2 तबेकमारे जेने असिन मनैनके विरोध करथाँ, जेनके थेन शासन करना अधिकार बतिन, कलेसे ओइने परमेश्वरके देहल नियम कानुनके विरोध करथाँ, और असिके विरोध करुइयन दण्ड भेटैहीँ।
3 काकरेकी यदि केऊ मजा काम करता कलेसे उहिहे शासन करुइयनसे डराई परना जरुरी नै हुइतिस। और मजा काम करता कलेसे उहिहे ओइने सम्मान फेन दिहिस। पर यदि ऊ खराब काम करता कलेसे ते उहिहे डराई परना जरुरी बतिस। 4 काकरेकी उ अधिकारी मनै तोहाँर सहयोगके काम करक लग ओइने परमेश्वरके सेबक हुइताँ। पर यदि तुँ खराब काम करतो कलेसे तुहिन्हे डराई परना जरुरी बा। काकरेकी उ अधिकारीनके थेन तुहिन्हे सजाय देहक लग अधिकार बतिन। और ओइने खराब काम करुइयनहे परमेश्वरके देना सजाय देहक लग ओइन्हे परमेश्वर नियुक्त कर्ले बतिन। 5 तबेकमारे परमेश्वरके दण्डसे बँचक लग किल नै होके तुहुरिन्के सोँचहे फेन शुद्ध धारक लग तुहुरिन्हे ओइन्के अधिनमे बैठे परत।
6 तबेकमारे तुहुरे ओइन्हे कर फेन देहे परत, काकरेकी शासन करुइयन परमेश्वरके सेबक हुइँत। और ओइने अपन जिम्मेवारी निभाइक लग अपनहे समर्पित कर्ले रथाँ। 7 तबेकमारे जिहिहे ज्या देहे परना बा उहिहे वहे देऊ। जिहिहे कर देहे परना हो, उहिहे कर देऊ; जिहिहे महसूल देहे परना हो, उहिहे महसूल देऊ; और जिहिहे आदर और सम्मान देहे परना हो, उहिहे आदर और सम्मान देऊ।