7 वसो य हे इन्सानहोन तुम भी समझदारी से लुगइ का साथ जिवन बिताव, अरु बय खे कमजोर समजी खे वोको सम्मान कर, यो समजीखे कि हम दो जिवन को वरदान मे उनखे अपनो सय उत्तराधिकारी मान्यो जबकी तुमारी प्रार्थनाहोन मे बाध्यो नी पड्यो.
7 वसो य हे इन्सानहोन तुम भी समझदारी से लुगइ का साथ जिवन बिताव, अरु बय खे कमजोर समजी खे वोको सम्मान कर, यो समजीखे कि हम दो जिवन को वरदान मे उनखे अपनो सय उत्तराधिकारी मान्यो जबकी तुमारी प्रार्थनाहोन मे बाध्यो नी पड्यो.